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ऊर्जा सुरक्षा और शून्य उत्सर्जन लक्ष्य में संतुलन जरूरी: विशेषज्ञ

भारत के रिफाइनरी क्षेत्र को जीवाश्म ईंधन से नवीकरणीय ऊर्जा की ओर संक्रमण करते हुए राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संतुलन कार्बन क्रेडिट व्यापार योजना और भू-राजनीतिक स्थिरता के जरिए संभव है।

LSN India · 23 September 2026

ऊर्जा सुरक्षा और शून्य उत्सर्जन लक्ष्य में संतुलन जरूरी: विशेषज्ञ

द हिंदू सस्टेनेबिलिटी समिट में आयोजित एक गोष्ठी में उद्योग विशेषज्ञों ने भारत की रिफाइनरी और ऊर्जा क्षेत्र के रूपांतरण पर विचार-विमर्श किया। इस चर्चा का केंद्र बिंदु जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करते हुए शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य तक पहुंचना था।

पैनल ने नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के विस्तार की आवश्यकता पर जोर दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, सौर और पवन ऊर्जा में निवेश से न केवल पर्यावरणीय लक्ष्य हासिल होंगे, बल्कि भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता भी सुदृढ़ होगी। साथ ही, कच्चे तेल की आपूर्ति पर भू-राजनीतिक व्यवधान का प्रभाव रिफाइनरी क्षेत्र के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।

कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम को इस संक्रमण का एक महत्वपूर्ण उपकरण माना गया। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि सरकार द्वारा समर्थित इस व्यवस्था से रिफाइनरियों को पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

विचार-विमर्श में शामिल विशेषज्ञों का सर्वसम्मत मत यह रहा कि भारत को दीर्घकालीन ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन के मध्य एक व्यावहारिक मार्ग खोजना होगा। इसके लिए सरकार, उद्योग और नीति निर्माताओं को मिलकर काम करना आवश्यक है।