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भारत में डिजिटल संपर्क का 1 लाख करोड़ रुपये का अवसर
भारतीय ब्रॉडबैंड फोरम के अध्यक्ष का कहना है कि उपग्रह संचार सेवाओं के माध्यम से ग्रामीण भारत के 50 करोड़ से अधिक लोगों को जोड़ा जा सकता है। इस संभावना का वार्षिक मूल्य कम से कम 1 लाख करोड़ रुपये आंका गया है।
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भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल संपर्क स्थापित करने का अवसर कम से कम 1 लाख करोड़ रुपये वार्षिक आंका गया है। भारतीय ब्रॉडबैंड फोरम (बीआईएफ) के अध्यक्ष टीवी रामचंद्रन ने भारत सैटकॉम 2026 के 10वें संस्करण में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) द्वारा प्रकाशित आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में 50 करोड़ से अधिक लोग अभी भी ब्रॉडबैंड सुविधा से वंचित हैं।
रामचंद्रन ने कहा कि देश के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले इन लोगों तक भौतिक नेटवर्क नहीं पहुंचा है। भले ही इन क्षेत्रों से कम औसत राजस्व की उम्मीद की जाए, फिर भी वर्तमान अवसर कम से कम 1 लाख करोड़ रुपये सालाना है। उपग्रह संचार सेवाएं इन क्षेत्रों की बड़ी आबादी को जोड़ने का एक प्रभावी समाधान साबित हो सकती हैं।
बीआईएफ अध्यक्ष के अनुसार, देश की 60 से 70 प्रतिशत जनता अब भी कृषि पर निर्भर है और ये अधिकांशतः ग्रामीण इलाकों में रहते हैं। इन क्षेत्रों में उपग्रह आधारित ब्रॉडबैंड सेवा देश के डिजिटल विभाजन को पाटने का एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। बेहतर डिजिटल संपर्क से कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आ सकता है।