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सेमीकॉन 2.0 के साथ भारत का अर्धचालक रोडमैप मजबूत: टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सीईओ ने कहा कि सरकार की नई नीति से उद्योग को आवश्यक निरंतरता मिलेगी। भारत वैश्विक अर्धचालक उद्योग में अपनी मजबूत स्थिति बना रहा है।
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भारत के अर्धचालक उद्योग की यात्रा बेहद आशाजनक दिखाई दे रही है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सीईओ और प्रबंध निदेशक रंधीर ठाकुर के अनुसार, सेमीकॉन 2.0 योजना के तहत सरकार की ओर से दी जाने वाली नीति की स्थिरता इस क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि अर्धचालक व्यवसाय में निरंतरता और एक स्पष्ट रोडमैप बेहद जरूरी हैं।
ठाकुर ने बताया कि सेमीकॉन 1.0 के बाद सरकार का नया कदम उठाना इस बात का प्रमाण है कि राष्ट्र इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में दीर्घकालीन प्रतिबद्धता रखता है। वह मानते हैं कि यह निरंतरता और स्पष्ट रोडमैप ही इस व्यवसाय को आगे बढ़ाते हैं।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स वर्तमान में भारत के अर्धचालक उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कंपनी गुजरात के ढोलेरा में भारत की पहली व्यावसायिक अर्धचालक फैब्रिकेशन सुविधा के साथ ही असम के जागीरोड में पहली स्वदेशी अर्धचालक असेंबली और परीक्षण सुविधा का निर्माण कर रहा है।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की इन परियोजनाओं में कुल 14 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश किया जा रहा है। ये सुविधाएं महत्वपूर्ण क्षेत्रों में वैश्विक ग्राहकों को सेवा प्रदान करेंगी। कंपनी का मानना है कि जैसे-जैसे इसका नकद प्रवाह बढ़ेगा, वह इस व्यवसाय में निरंतर निवेश करता रहेगा।