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वित्त वर्ष 2026 में एसआईपी निवेश 2 ट्रिलियन रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा
बाजार में उथल-पुथल के बीच एसआईपी खातों को बंद किए जाने के बाद भी निवल प्रवाह रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा है। वित्त वर्ष 2026 में कुल एसआईपी निवेश में निवल प्रवाह की हिस्सेदारी 56 प्रतिशत रही।
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वित्त वर्ष 2026 में व्यवस्थित निवेश योजना (एसआईपी) के माध्यम से निवल पूंजी प्रवाह 2 ट्रिलियन रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। यह आंकड़ा निवेशकों के आत्मविश्वास और बाजार में निरंतर विश्वास को दर्शाता है।
इस अवधि में कुल एसआईपी निवेश 3.5 ट्रिलियन रुपये रहा, जिसमें से निवल प्रवाह की हिस्सेदारी 56 प्रतिशत थी। इसका मतलब यह है कि कुल निवेश का अधिकांश हिस्सा शुद्ध नए निवेश से आया है।
बाजार में अस्थिरता और बढ़ी हुई अनिश्चितता के बावजूद एसआईपी खातों को बंद किए जाने की घटनाएं दर्ज की गईं। तथापि, नए खाते खुलने और मौजूदा निवेशकों द्वारा किए गए अतिरिक्त निवेश ने कुल निवल प्रवाह को सकारात्मक रखा।
यह प्रवृत्ति दीर्घकालीन निवेश की रणनीति के प्रति भारतीय निवेशकों के बढ़ते झुकाव को दर्शाती है। एसआईपी के माध्यम से नियमित निवेश बाजार के उतार-चढ़ाव से निवेशकों को सुरक्षा प्रदान करता है।