World · India Bureau
कार्य क्षेत्र में बदलाव के अनुरूप कौशल विकास व्यवस्था में सुधार जरूरी
भारत में कौशल विकास प्रणाली को बदलती हुई कार्य परिस्थितियों के अनुसार नए सिरे से तैयार करने की आवश्यकता है। वैश्विक कार्य बाजार में तेजी से आने वाले परिवर्तनों का सामना करने के लिए नई रणनीति बनानी होगी।
LSN India ·

कार्य क्षेत्र में तीव्र गति से हो रहे बदलावों को देखते हुए देश की कौशल विकास व्यवस्था में आमूल परिवर्तन की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कौशल प्रशिक्षण को दोबारा डिजाइन करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरी व्यवस्था को नए सिरे से कल्पना की जरूरत है।
आने वाले समय में कार्य का स्वरूप किस प्रकार बदलेगा, ये परिवर्तन कितनी तेजी से आएंगे, और इन परिवर्तनों से निपटने के लिए कौन सी रणनीति अपनाई जाए - ये सभी प्रश्न महत्वपूर्ण हैं। विश्लेषकों के अनुसार, कौशल विकास की पुरानी समझ और नई वास्तविकताओं में एक बड़ा अंतराल बढ़ता जा रहा है।
कार्य बाजार की गतिविधियों में अप्रत्याशित बदलाव भी देखने को मिल रहे हैं। पारंपरिक उद्योगों में कमी जहां कहीं दिखाई दे रही है, वहीं नए क्षेत्रों में अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। इसलिए कौशल प्रशिक्षण को न केवल वर्तमान मांग के अनुरूप तैयार करना होगा, बल्कि भविष्य की संभावनाओं के लिए भी तैयार रहना होगा।
नीति निर्माताओं का कहना है कि भारत के युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाना चाहिए जो विश्व स्तर पर बदलती हुई कार्य परिस्थितियों के साथ तालमेल रख सके। इस दिशा में तुरंत कदम उठाने की आवश्यकता है।