Business · India Bureau
भारत के तापीय कोयले का भंडार 42% गिरा, तीन साल में सबसे कम
अगस्त में देश के तापीय विद्युत संयंत्रों में कोयले का स्टॉक घटकर 29 मिलियन टन रह गया है, जो एक साल पहले 50 मिलियन टन था। बिजली की बढ़ती मांग के कारण कोयले आधारित विद्युत उत्पादन बढ़ा है।
LSN India ·

देश के तापीय विद्युत संयंत्रों में कोयले का भंडार चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। अगस्त माह में यह स्टॉक 29 मिलियन टन तक गिर गया है, जो पिछले वर्ष के समान महीने में 50 मिलियन टन था। यह 42 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है और तीन सालों में सबसे कम स्तर है।
विद्युत मांग में वृद्धि इस कमी का प्रमुख कारण बनी है। गर्मी के मौसम में बिजली की खपत बढ़ने से कोयले आधारित बिजली संयंत्रों का उत्पादन अधिक हुआ है। इससे कोयले का उपयोग तेजी से बढ़ा है और भंडार की पूर्ति दर पीछे छूट गई है।
कोयले के स्टॉक में यह तेज गिरावट विद्युत आपूर्ति की स्थिरता को लेकर सवाल खड़े करती है। घरेलू उत्पादन को बढ़ाने और आयात को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने की चुनौती बनी हुई है। आने वाले महीनों में कोयले की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना विद्युत क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण होगा।