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भारत के शीर्ष एक्सचेंज पर विकल्प कारोबार में गिरावट, आईपीओ की तैयारी
भारत के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज पर कैश इक्विटी ट्रेडिंग वॉल्यूम नवंबर के बाद से सबसे निचले स्तर पर आ गया है। एक्सचेंज के पास घरेलू बाजार में 90 प्रतिशत से अधिक का हिस्सेदारी है।
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भारत के शीर्ष स्टॉक एक्सचेंज पर कारोबार की मात्रा में सार्थक गिरावट देखी जा रही है, जिस समय यह एक्सचेंज अपनी सार्वजनिक प्रस्ताव (आईपीओ) की तैयारी में जुटा है। कैश इक्विटी सेगमेंट में व्यापार की मात्रा नवंबर के बाद अपने सबसे निचले स्तर तक पहुंच गई है, जहां यह एक्सचेंज घरेलू स्टॉक बाजार में 90 प्रतिशत से अधिक का बाजार हिस्सेदारी बनाए हुए है।
इस गिरावट का कारण बाजार में समग्र निवेशक गतिविधि में कमी माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रवृत्ति अनिश्चितता की अवधि और निवेश के सुस्त रुझान को दर्शाती है। हालांकि, एक्सचेंज के अपने बाजार में प्रभुत्व के कारण यह गिरावट पूरे भारतीय शेयर बाजार पर व्यापक प्रभाव डाल रही है।
एक्सचेंज की आसन्न आईपीओ इस समय के दौरान एक महत्वपूर्ण विकास है। बाजार में कमजोरी के बावजूद, एक्सचेंज अपनी सूचीबद्ध होने की योजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध दिख रहा है। आईपीओ से पहले इस तरह की मात्रा में गिरावट निवेशकों के बीच कुछ चिंता का विषय बन सकती है।
बाजार विशेषज्ञ आने वाले हफ्तों में कारोबार की गतिविधि में सुधार की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, यह देखा जाना बाकी है कि एक्सचेंज की आईपीओ की घोषणा बाजार की गतिविधि में किस तरह का असर डालेगी।