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भारत के मुक्त व्यापार समझौते 2035 तक GDP में 170 अरब डॉलर जोड़ सकते हैं

ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के अनुमान के मुताबिक, भारत के बढ़ते व्यापार समझौते 2035 तक सकल घरेलू उत्पाद में 2.1 प्रतिशत तक की वृद्धि ला सकते हैं। यह विस्तार अमेरिकी शुल्क के असर को कम करने में भी मदद कर सकता है।

LSN India · 12 October 2026

भारत के मुक्त व्यापार समझौते 2035 तक GDP में 170 अरब डॉलर जोड़ सकते हैं

भारत के विस्तारशील मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) देश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण लाभ ला सकते हैं। ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के विश्लेषण के अनुसार, ये समझौते अगले डेढ़ दशक में सकल घरेलू उत्पाद में 170 अरब डॉलर तक की वृद्धि कर सकते हैं, जो कुल जीडीपी का 2.1 प्रतिशत के बराबर है।

व्यापार समझौतों के जरिए निर्यात में बढ़ोतरी भारत की आर्थिक वृद्धि को मजबूत करने का एक प्रमुख तरीका है। ये समझौते विभिन्न देशों और क्षेत्रों में भारतीय सामानों और सेवाओं के लिए बाजार में प्रवेश आसान बनाते हैं, जिससे निर्यातकों को प्रतिस्पर्धी लाभ मिलता है।

वैश्विक व्यापार परिदृश्य में अमेरिकी शुल्क नीति से संभावित दबाव का सामना करते हुए, भारत के विविध व्यापार समझौते एक महत्वपूर्ण कुशन का काम कर सकते हैं। विश्व के विभिन्न हिस्सों में मजबूत व्यापार संबंध स्थापित करके, भारत एकल बाजार पर निर्भरता कम कर सकता है।

विश्लेषकों के अनुसार, ये अनुमान इस बात पर निर्भर करते हैं कि भारत अपने व्यापार समझौतों को प्रभावी तरीके से क्रियान्वित करे और घरेलू निर्यात क्षेत्र में निवेश बढ़ाए। आने वाले वर्षों में इस संभावना को वास्तविकता में बदलने के लिए नीति निर्माताओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।