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भारत में ट्रैफिक चालान में विस्फोटक वृद्धि, अदा न किए गए जुर्माने का बढ़ता संकट
देश में ट्रैफिक चालानों की संख्या 2021 के 4.2 करोड़ से बढ़कर 2025 में 9.6 करोड़ हो गई है। 2026 के पहले नौ महीनों में यह आंकड़ा 7.8 करोड़ तक पहुंच गया है।
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भारत में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के क्षेत्र में चिंताजनक प्रवृत्ति सामने आई है। ट्रैफिक चालानों में असाधारण वृद्धि देश भर में वाहन चालकों द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने का संकेत है। पिछले पाँच वर्षों में यह संख्या दोगुने से अधिक बढ़ी है।
2021 में जहाँ 4.2 करोड़ चालान जारी किए गए थे, वहीं 2025 तक यह संख्या बढ़कर 9.6 करोड़ हो गई। इसका अर्थ है कि प्रतिवर्ष लाखों भारतीय ड्राइवरों को ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते पकड़ा जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में वाहनों की बढ़ती संख्या और सड़क पर अनुशासन की कमी इसके प्रमुख कारण प्रतीत होते हैं।
2026 में स्थिति और गंभीर हुई है। वर्ष के पहले नौ महीनों में ही 7.8 करोड़ चालान जारी किए जा चुके हैं, जो पिछले पूरे वर्ष की तुलना में काफी अधिक दर्शाता है। इस बढ़ती प्रवृत्ति से अदा न किए गए जुर्मानों का भी संकट गहरा हो रहा है, जो राजस्व संग्रहण में बाधा बन रहा है।
हाईवे पुलिस और ट्रैफिक विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चालानों का यह तरीका अपनाया जा रहा है। हालांकि, बड़ी संख्या में चालान जारी होने के बावजूद, इसके कानूनी प्रभाव और लोगों के व्यवहार परिवर्तन के संदर्भ में सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क सुरक्षा के लिए केवल जुर्माने से अधिक शिक्षा और जागरूकता की आवश्यकता है।