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रेल टिकट से पेट्रोल तक: ये पांच लेन-देन में सिर्फ ₹5 MDR लगेगा
सरकार ने 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर एमडीआर दरों को एकसमान नहीं रखा है। कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में फ्लैट रेट मॉडल लागू किया गया है जहां निर्धारित एमडीआर वसूला जाएगा।
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डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के क्रम में सरकार ने यूपीआई लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) के लिए एक विभेदित ढांचा अपनाया है। 2000 रुपये से अधिक मूल्य के भुगतान के लिए एमडीआर दरें सभी सेक्टरों के लिए समान नहीं हैं।
इस नई व्यवस्था में रेलवे टिकट, हवाई किराया, शिक्षा शुल्क, बीमा प्रीमियम और पेट्रोल जैसे पांच प्रमुख क्षेत्रों में फ्लैट रेट मॉडल लागू किया गया है। इन निर्दिष्ट सेवाओं के लिए प्रति लेन-देन पर केवल 5 रुपये का निश्चित एमडीआर वसूला जाएगा।
यह कदम सरकार की डिजिटल भारत पहल का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य नकदी रहित अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाना है। फ्लैट रेट मॉडल अपनाने से इन आवश्यक सेवाओं के प्रदाताओं पर लागत का दबाव कम होगा, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर दरें मिल सकेंगी।
विश्लेषकों का मानना है कि यह नीति खासकर रेलवे और पेट्रोल पंपों जैसी उच्च-वॉल्यूम सेवाओं में यूपीआई अपनाने को प्रोत्साहित करेगी। सरकार का इरादा एक सुविधाजनक और सस्ते डिजिटल पेमेंट माहौल तैयार करना है।