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भारत की 30 प्रतिशत कृषि भूमि सौर ऊर्जा के लिए उपयुक्त: सरकार

केंद्रीय सरकार का अनुमान है कि देश की तीस प्रतिशत कृषि भूमि सौर कृषि विद्युत परियोजनाओं के लिए तकनीकी रूप से उपयुक्त है। नई पीएम-कुसुम 2.0 योजना में कृषि सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए विशेष घटक शामिल किए गए हैं।

LSN India · 22 October 2026

भारत की 30 प्रतिशत कृषि भूमि सौर ऊर्जा के लिए उपयुक्त: सरकार

भारत की ऊर्जा परिवर्तन के लिए सरकार कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना को प्रमुख समाधान मानती है। सरकारी आकलन के अनुसार, देश की कुल कृषि भूमि का लगभग तीस प्रतिशत हिस्सा सौर कृषि विद्युत परियोजनाओं के लिए तकनीकी रूप से व्यवहार्य है। यह दृष्टिकोण कृषि उत्पादन को प्रभावित किए बिना सौर ऊर्जा क्षमता का विस्तार करने का मार्ग प्रशस्त करता है।

पीएम-कुसुम 2.0 योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें कृषि सौर ऊर्जा के लिए एक समर्पित घटक शामिल किया गया है। इस योजना का उद्देश्य भारत की सौर ऊर्जा क्षमता को काफी हद तक बढ़ाना है, साथ ही किसानों को आर्थिक लाभ भी प्रदान करना है। योजना के तहत किसान अपनी भूमि पर सौर पैनल लगाकर बिजली बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।

कृषि सौर ऊर्जा परियोजनाएं दोहरे लाभ का विकल्प प्रस्तुत करती हैं - एक ओर नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार, तो दूसरी ओर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में वृद्धि। इस पद्धति से भूमि का कुशल उपयोग सुनिश्चित होता है और कृषि क्षेत्र में आय के नए स्रोत सृजित होते हैं। सरकार का यह कदम राष्ट्रीय ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करेगा और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देगा।