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भारत में वेंचर कैपिटल वृद्धि धीमी, वैश्विक बूम से पिछड़ा

भारतीय स्टार्टअप सेक्टर में डील वैल्यू मात्र 5 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि विश्व स्तर पर पहले सात महीनों में 161 प्रतिशत की तेजी देखी गई है। यह अंतर भारतीय वेंचर कैपिटल बाजार की कमजोर रिकवरी को दर्शाता है।

LSN India · 30 August 2026

भारत में वेंचर कैपिटल वृद्धि धीमी, वैश्विक बूम से पिछड़ा

भारत की स्टार्टअप अर्थव्यवस्था में वेंचर कैपिटल निवेश की रफ्तार अत्यंत धीमी बनी हुई है। चालू वर्ष के पहले सात महीनों में भारत में डील वैल्यू में केवल 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो वैश्विक स्तर पर देखी गई तेजी के बिल्कुल विपरीत है। इसी अवधि में विश्व भर में वेंचर कैपिटल निवेश में 161 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है।

यह आंकड़े भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम की पुनरुद्धार प्रक्रिया के धीमेपन को उजागर करते हैं। पिछले कुछ वर्षों में देश में सार्वजनिक और निजी निवेश में उतार-चढ़ाव देखा गया है, जिसके कारण उद्यमी क्षेत्र में आशावाद की कमी बनी हुई है। विश्लेषकों के अनुसार, भारतीय बाजार में विनियोगकर्ताओं की सावधानीपूर्ण रुख और नियामकीय अनिश्चितता इस संकोच का मुख्य कारण है।

वैश्विक आर्थिक परिवेश में सुधार और उदीयमान बाजारों में फिर से ध्यान केंद्रित करने के बाद भी भारत पर्याप्त पूंजी आकर्षित नहीं कर पा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर भारतीय स्टार्टअप सेक्टर को विश्व बाजार की गतिशीलता के साथ तालमेल बिठाना है, तो बेहतर नीतिगत माहौल और निवेशक आत्मविश्वास में सुधार आवश्यक है। वर्तमान प्रवृत्ति यदि जारी रहती है, तो भारत प्रतिभा और पूंजी दोनों के मामले में और भी पिछड़ सकता है।