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निजी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स को भू-टैग करने का अनिवार्य आदेश
हरियाणा जल आपूर्ति और मल निकासी बोर्ड ने सभी निजी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के भू-टैगिंग को अनिवार्य कर दिया है। 1 अक्टूबर तक सभी प्लांट्स का पंजीकरण करवाना होगा।
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हरियाणा जल आपूर्ति और मल निकासी बोर्ड (एचएमडब्ल्यूएस एंड एसबी) ने राज्य भर में सभी निजी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) के भू-टैगिंग को अनिवार्य बना दिया है। यह कदम जल संरक्षण और पर्यावरणीय निगरानी को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
बोर्ड के आदेश के अनुसार, सभी निजी एसटीपी के संचालकों को 1 अक्टूबर तक अपने प्लांट्स का पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। भू-टैगिंग प्रक्रिया के माध्यम से बोर्ड प्रत्येक ट्रीटमेंट प्लांट की स्थिति, क्षमता और संचालन स्थिति का सटीक रिकॉर्ड बनाए रखेगा।
इस पहल से प्रशासन को निजी सीवेज ट्रीटमेंट सुविधाओं पर बेहतर नियंत्रण और निरीक्षण में मदद मिलेगी। वर्तमान में राज्य में कई निजी एसटीपी संचालित हो रहे हैं, जिनकी निगरानी एक चुनौती रही है।
बोर्ड द्वारा निर्धारित समय सीमा से पहले पंजीकरण न करने वाले प्लांट संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह नई व्यवस्था राज्य के जल प्रबंधन नीति के अनुरूप है और शहरी विकास परियोजनाओं में पर्यावरणीय मानकों को सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन की गई है।