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अगस्त में थोक मूल्य सूचकांक बढ़कर 9.92% पर पहुंचा
ईंधन और खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ने से भारत का थोक मुद्रास्फीति दर अगस्त में 9.92% के स्तर पर पहुंच गया। जुलाई की तुलना में यह वृद्धि महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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भारत का थोक मूल्य सूचकांक अगस्त में 110.8 के स्तर पर पहुंचा, जो जुलाई के 110.0 से ऊपर है। यह आंकड़े समग्र मुद्रास्फीति दबाव में वृद्धि का संकेत देते हैं।
ईंधन और विद्युत क्षेत्र में मुद्रास्फीति दर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है। जुलाई में यह दर 20.05% था, जो अगस्त में बढ़कर 22.93% हो गया है। इस क्षेत्र में आई तेजी विश्व कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को प्रतिबिंबित करती है।
खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी दबाव बना रहा है, जिससे थोक मूल्य सूचकांक में व्यापक असर पड़ा है। निर्मित उत्पादों की मुद्रास्फीति भी अपेक्षा से अधिक रही है।
भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए थोक मुद्रास्फीति का स्तर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह खुदरा कीमतों और उत्पादन लागत को प्रभावित करता है। आने वाले महीनों में यह प्रवृत्ति नीति निर्माताओं के लिए चिंता का विषय बनी रह सकती है।