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अगस्त में WPI मुद्रास्फीति बढ़कर 9.92 प्रतिशत पर पहुंची
अगस्त 2026 में थोक मूल्य सूचकांक में वृद्धि देखी गई है, जिसमें ईंधन और बिजली की कीमतों में उल्लेखनीय उछाल का प्रभाव स्पष्ट है। खाद्य वस्तुओं की कीमतें भी महीने दर महीने बढ़ोतरी दर्शा रही हैं।
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भारत का थोक मूल्य सूचकांक अगस्त में 9.92 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो पिछले महीने की तुलना में मामूली वृद्धि दर्शाता है। WPI मुद्रास्फीति में यह उछाल मुख्य रूप से ईंधन और शक्ति खंड में कीमतों की दृढ़ता से संचालित हुआ है।
ईंधन और शक्ति की मुद्रास्फीति अगस्त में 22.93 प्रतिशत पर पहुंची, जो पिछले कई महीनों से बनी हुई ऊंची कीमत की प्रवृत्ति को जारी रखता है। अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में मजबूत मूल्य निर्धारण घरेलू ईंधन लागत में वृद्धि का मुख्य कारण बना हुआ है।
खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति भी चिंता का विषय बनी हुई है, जिसमें WPI खाद्य सूचकांक 7.05 प्रतिशत तक पहुंच गया है। कृषि उत्पादों और प्रसंस्कृत खाद्य वस्तुओं दोनों में मूल्य दबाव देखा जा रहा है।
यह डेटा आर्थिक नीति निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण संकेत प्रदान करता है, विशेषकर जब अर्थव्यवस्था मुद्रास्फीति के दबाव को संभालने की कोशिश कर रही है। ईंधन की कीमतें निकट अवधि में अनुकूल रहने की संभावना है, जिससे WPI में और वृद्धि की जोखिम बनी रहेगी।