Business · India Bureau
भारतीय कॉर्पोरेट जगत से खतरनाक कर्ज वाली कंपनियां घट रहीं
डन एंड ब्रैडस्ट्रीट की रिपोर्ट से पता चलता है कि भारतीय कंपनियों की कर्ज भुगतान क्षमता में सुधार आ रहा है। 2017 से 2025 के बीच जॉम्बी फर्मों का अनुपात 8.1 प्रतिशत से घटकर 5.5 प्रतिशत रह गया है।
LSN India ·

भारतीय कॉर्पोरेट क्षेत्र में कर्ज भुगतान की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है। डन एंड ब्रैडस्ट्रीट द्वारा किए गए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि संकटग्रस्त कंपनियों की संख्या में निरंतर कमी आई है।
अध्ययन के अनुसार, जॉम्बी फर्मों यानी ऐसी कंपनियों का प्रतिशत जो केवल अपने कर्ज पर ब्याज का भुगतान कर पाती हैं लेकिन मूलधन नहीं दे सकतीं, 2017 में 8.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 5.5 प्रतिशत पर आ गया है। यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि भारतीय कंपनियों की वित्तीय स्थिति में मजबूती आई है।
डेटा से संकेत मिलता है कि भारतीय कॉर्पोरेट्स अपनी कर्ज सेवा क्षमता को बेहतर बनाने में सफल रहे हैं। यह सुधार अर्थव्यवस्था की समग्र मजबूती और कंपनियों के बेहतर वित्तीय प्रबंधन का परिणाम माना जा सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में यह सकारात्मक प्रवृत्ति जारी रह सकती है। भारतीय कॉर्पोरेट क्षेत्र में यह बदलाव अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है और निवेशकों के लिए विश्वास बढ़ाता है।