LSN News › India

Business · India Bureau

दीर्घकालीन पूंजीगत लाभ कर समाप्त करने से विदेशी निवेशक वापस आएंगे?

भारतीय शेयर बाजार से विदेशी संस्थागत निवेशकों के पलायन को रोकने के लिए सरकार ने दीर्घकालीन पूंजीगत लाभ कर को समाप्त करने का निर्णय लिया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम अकेले विदेशी निवेशकों को दलाल स्ट्रीट की ओर आकर्षित करने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता।

LSN India · 3 November 2026

दीर्घकालीन पूंजीगत लाभ कर समाप्त करने से विदेशी निवेशक वापस आएंगे?

भारतीय पूंजी बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की वापसी को लेकर बाजार विश्लेषकों में बंटे हुए विचार हैं। दीर्घकालीन पूंजीगत लाभ कर को समाप्त करने का निर्णय निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन विशेषज्ञों का अनुमान है कि इसके अलावा अन्य कारकों पर भी ध्यान देना होगा।

पिछले महीनों में भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों का पलायन जारी है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, ब्याज दरों में वृद्धि और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं की ओर निवेशकों का रुझान इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। कर संरचना में सुधार से हालांकि एक सकारात्मक संकेत मिलता है, लेकिन यह समस्या का पूर्ण समाधान नहीं हो सकता।

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, विदेशी निवेशकों की वापसी के लिए दीर्घकालीन पूंजीगत लाभ कर समाप्ति के साथ-साथ अन्य नीतिगत उपाय भी आवश्यक हैं। नियामक पारदर्शिता, आर्थिक स्थिरता और भारतीय कंपनियों के कारोबार में सुधार जैसे कारक भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।

कर सुविधा का लाभ तभी मिलेगा जब वैश्विक निवेश परिवेश में सुधार हो और भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर में स्थिरता आए। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को बहुआयामी रणनीति अपनानी चाहिए ताकि विदेशी निवेशकों का आत्मविश्वास पुनः प्राप्त किया जा सके।