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तीन वर्षों में 7.31 करोड़ लोगों की सिकल सेल रोग की जांच: जनजातीय मंत्रालय
आदिवासी क्षेत्रों में इस आनुवंशिक रक्त विकार के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय जनजातीय मामलों का मंत्रालय एक व्यापक स्क्रीनिंग कार्यक्रम चला रहा है। प्रारंभिक निदान और विशेषज्ञ उपचार सेवाओं के माध्यम से इन दूरवर्ती इलाकों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
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भारत के आदिवासी अंचलों में सिकल सेल रोग की रोकथाम और नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे एक प्रमुख स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत पिछले तीन वर्षों में 7.31 करोड़ से अधिक लोगों की जांच की गई है। जनजातीय मामलों का मंत्रालय इस गंभीर आनुवंशिक रक्त विकार की पहचान और उपचार को लेकर एक सुव्यवस्थित दृष्टिकोण अपना रहा है।
यह पहल दूरदराज के आदिवासी इलाकों तक आधुनिक चिकित्सा सेवाओं को पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जहां सिकल सेल रोग का प्रसार अन्य क्षेत्रों की तुलना में कहीं अधिक है। स्क्रीनिंग कार्यक्रम के माध्यम से रोग के शुरुआती चरण में ही इसकी पहचान की जा रही है।
प्रारंभिक निदान के अलावा, इस कार्यक्रम के अंतर्गत आनुवंशिक परामर्श और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इन सुविधाओं के माध्यम से रोग से ग्रस्त व्यक्तियों और उनके परिवारों को सही जानकारी और उपचार विकल्प उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मंत्रालय का यह कदम भारत के सबसे कमजोर आबादी वर्गों के स्वास्थ्य में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सिकल सेल रोग के कारण होने वाली जटिलताओं को कम करने और रोगियों की जीवन गुणवत्ता में सुधार के लिए यह व्यापक कार्यक्रम निरंतर जारी है।