LSN News › India

Business · India Bureau

विकास योजना में पर्यावरण को एकीकृत करने में भारत पिछड़ा हुआ: विशेषज्ञ

टेरी के निति विशेषज्ञ निटिन देसाई का कहना है कि विकास नीतियों पर पर्यावरणीय चिंताओं का सीमित प्रभाव पड़ रहा है। जलवायु वित्त चुनौतियों और वैश्विक सहयोग में कमजोरी विशेषज्ञों की बड़ी चिंता है।

LSN India · 16 October 2026

विकास योजना में पर्यावरण को एकीकृत करने में भारत पिछड़ा हुआ: विशेषज्ञ

भारत अभी तक अपनी विकास योजनाओं में पर्यावरणीय मुद्दों को समुचित रूप से एकीकृत नहीं कर पाया है। टेरी (द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट) के प्रमुख निटिन देसाई ने यह चेतावनी दी है कि राष्ट्रीय विकास नीतियों को तैयार करते समय पर्यावरणीय सरोकारों का प्रभाव सीमित रह गया है।

विकास और पर्यावरण के बीच इस असंतुलन के कारण दीर्घकालिक नीति निर्धारण में गंभीर कमियां देखी जा रही हैं। देसाई के विचार से भारत को अपनी आर्थिक प्रगति के साथ ही जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देनी होगी।

मौजूदा परिस्थितियों में जलवायु वित्त को लेकर भी गंभीर चुनौतियां उभर रही हैं। विकसित देशों द्वारा जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए विकासशील राष्ट्रों को दिए जाने वाले वित्तीय सहायता में कमी आई है।

विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक स्तर पर जलवायु सहयोग भी कमजोर पड़ रहा है। इस स्थिति में भारत जैसे विकासशील देशों को अपने संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की जरूरत है।