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विदेश प्रेषण घोटाले में तीन CA के खिलाफ FIR, 3,675 करोड़ की अनियमितता
आयकर विभाग ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से भारत से विदेश भेजी गई राशि के मामले में तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। 40 और संदिग्ध मामले जांच के दायरे में आ गए हैं।
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भारतीय आयकर विभाग ने अवैध तरीकों से विदेश को धन प्रेषण के एक बड़े घोटाले का खुलासा किया है। जयपुर, श्रीगंगानगर और हैदराबाद में स्थित तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के खिलाफ आयकर विभाग ने प्राथमिकी दर्ज की है। कुल 3,675 करोड़ रुपये की अनियमित विदेश प्रेषण का पता चला है।
विभाग की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि इन चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने आवश्यक दस्तावेजों और अनुमोदनों की जांच किए बिना ही फॉर्म 15CB के प्रमाणपत्र जारी किए। ये प्रमाणपत्र विदेशों को बड़ी राशि भेजने के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं। आयकर नियमों के अनुसार, ऐसे प्रमाणपत्र केवल समुचित जांच और सत्यापन के बाद ही जारी किए जाने चाहिए।
आयकर विभाग ने लगभग 40 और समान प्रकृति के संदिग्ध मामलों की पहचान की है, जो अभी जांच के अंतर्गत हैं। विभाग का मानना है कि इस नेटवर्क का दायरा अधिक व्यापक हो सकता है। जांच के दौरान कई अन्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और वित्तीय संस्थाओं के विरुद्ध कार्रवाई की संभावना है।
यह मामला विदेशों को अवैध धन प्रेषण और काला धन के मुद्दों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। विभाग द्वारा इस घोटाले के संबंध में गहन जांच जारी है। अधिकारियों ने विदेश भेजी गई राशि के स्रोत और प्राप्तकर्ताओं की पहचान के लिए अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों से भी संपर्क साधा है।