Politics · India Bureau
बिजली संकट के बीच कोयले का स्टॉक घटा, सरकार ने दिए नए आदेश
जलविद्युत और सौर ऊर्जा उत्पादन में गिरावट के कारण विद्युत संयंत्रों में कोयले का запас तेजी से घट रहा है। सरकार ने 50 मेगावाट से अधिक क्षमता वाली निजी कोयला खदानों को पूरी क्षमता से संचालित करने और अतिरिक्त बिजली बिजली एक्सचेंजों के जरिए बेचने का आदेश दिया है।
LSN India ·

देश के विद्युत संयंत्रों में कोयले का भंडार तेजी से खत्म हो रहा है क्योंकि हल्की बारिश और कम धूप के कारण जलविद्युत और सौर ऊर्जा का उत्पादन प्रभावित हुआ है। यह स्थिति बिजली की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा रही है और विद्युत क्षेत्र में आपातकालीन कदमों की जरूरत पड़ गई है।
इस संकट से निपटने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 50 मेगावाट से अधिक क्षमता वाली निजी कोयला खदानों को अब पूरी क्षमता से अपने विद्युत संयंत्र संचालित करने का आदेश दिया गया है। इन कंपनियों को अपनी आवश्यकता से अधिक बिजली को बिजली एक्सचेंजों के माध्यम से बाजार में बेचने के लिए कहा गया है।
यह निर्देश राष्ट्रीय विद्युत आपूर्ति में स्थिरता लाने का प्रयास है। निजी क्षेत्र के इस संभावित योगदान से देश की बिजली की कमी को पूरा करने में मदद मिल सकती है और बिजली की कीमतों में भी संतुलन आ सकता है।
आने वाले हफ्तों में यदि मौसमी स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो सरकार को और भी सख्त कदम उठाने पड़ सकते हैं। फिलहाल यह कदम एक अल्पकालीन समाधान माना जा रहा है जो तुरंत राहत प्रदान कर सकता है।