LSN News › India

Business · India Bureau

विदेश भेजने वाली रकम पर सीमा, कर नियम और खुलासा अनिवार्य

भारत से विदेश में धन भेजने से पहले जानें वार्षिक सीमा, टीडीएस के नियम और विदेशी संपत्ति की घोषणा से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें।

LSN India · 21 August 2026

विदेश भेजने वाली रकम पर सीमा, कर नियम और खुलासा अनिवार्य

भारत से विदेश में धन हस्तांतरण करने वाले नागरिकों के लिए कई नियमों का पालन करना जरूरी है। रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से निर्धारित वार्षिक सीमा के अंतर्गत ही विदेश में रुपये भेजे जा सकते हैं। इन नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

टैक्स देयता के संबंध में भी नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए। विदेश में धन भेजते समय कुछ परिस्थितियों में स्रोत पर कर कटौती यानी टीडीएस लागू हो सकता है। बैंकिंग चैनल के माध्यम से किए गए लेन-देन का विस्तृत रिकॉर्ड रखना चाहिए ताकि कर अधिकारियों से किसी प्रश्न का जवाब देते समय दस्तावेज़ उपलब्ध हों।

विदेशी संपत्ति की घोषणा आयकर रिटर्न दाखिल करते समय अनिवार्य है। यदि किसी भारतीय नागरिक के पास विदेश में कोई संपत्ति, खाता या निवेश है, तो उसे सरकार को सूचित करना पड़ता है। विदेशी आय और संपत्ति से संबंधित जानकारी को ईएमएडी यानी व्यक्तिगत विदेशी संपत्ति विवरण में दर्ज करना होता है।

व्यक्तिगत प्रेषण के अंतर्गत एक वित्तीय वर्ष में निर्धारित सीमा तक ही धन विदेश भेजा जा सकता है। यह सीमा विभिन्न देशों के लिए अलग-अलग हो सकती है। नियमित रूप से विदेश में धन भेजने वाले व्यक्तियों को बैंक के साथ अपने लेन-देन की जानकारी साझा करते रहना चाहिए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की जटिलता का सामना न करना पड़े।