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गिग इकॉनमी और घरेलू श्रमिकों को शामिल करने के लिए श्रम सर्वेक्षण में संशोधन
सरकार आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण में नए प्रश्न जोड़ने की तैयारी कर रही है। इससे गिग अर्थव्यवस्था और वेतन रहित घरेलू कामकाजी श्रमिकों की सही गणना संभव होगी।
LSN India ·

भारत सरकार ने आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) में महत्वपूर्ण संशोधन का निर्णय लिया है। इस कदम से देश की बदलती अर्थव्यवस्था में श्रमिकों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सकेगा। नए सर्वेक्षण में गिग अर्थव्यवस्था में काम करने वाले लोगों और अवेतन घरेलू कामकाज में लगे श्रमिकों को शामिल किया जाएगा।
सर्वेक्षण में जोड़े जाने वाले अतिरिक्त प्रश्न श्रम अल्पउपयोग को मापने में मदद देंगे। इससे सरकार को रोजगार, आंशिक रोजगार और बेरोजगारी की अधिक विस्तृत तस्वीर मिलेगी। विशेष रूप से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले लाखों भारतीयों का डेटा संग्रहित होगा।
मौजूदा सर्वेक्षण पद्धति में ये महत्वपूर्ण श्रेणियां पर्याप्त रूप से प्रतिनिधित्व नहीं पाती हैं। घरेलू कामकाज में लगी महिलाओं और अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों की संख्या को सही तरीके से दर्ज करना चुनौतीपूर्ण रहा है। इस संशोधन से राष्ट्रीय रोजगार नीति को तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
संशोधित सर्वेक्षण श्रम कल्याण योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के निर्माण में अधिक सटीक आंकड़े प्रदान करेगा। यह कदम भारत के बदलते श्रम बाजार की जटिलताओं को समझने के लिए एक सकारात्मक पहल है।