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यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर से आएंगे नए संसाधन

सरकार यूपीआई इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए 2000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर लगने वाले एमडीआर का 5 प्रतिशत एक निर्धारित फंड में जमा करेगी। इससे डिजिटल भुगतान प्रणाली सरकारी अनुदान पर कम निर्भर रहेगी।

LSN India · 16 September 2026

यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर से आएंगे नए संसाधन

डिजिटल भुगतान को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। 2000 रुपये से अधिक मूल्य के यूपीआई लेनदेन पर लगने वाले कुल मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) का 5 प्रतिशत हिस्सा एक विशेष फंड में जमा किया जाएगा।

यह कदम यूपीआई पारिस्थितिकी तंत्र को लंबे समय तक स्थायित्व प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। फंड में जमा होने वाली राशि का उपयोग डिजिटल भुगतान प्रणाली के विकास और रखरखाव में किया जाएगा, जिससे सरकारी सहायता पर निर्भरता कम हो सके।

यह व्यवस्था भारत की डिजिटल पेमेंट क्रांति को एक मजबूत आर्थिक आधार प्रदान करेगी। इससे यूपीआई जैसी लोकप्रिय भुगतान सेवाओं का विस्तार और सुधार निरंतर जारी रह सकेगा।

भारतीय डिजिटल पेमेंट क्षेत्र में यह बदलाव प्रणाली को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की एक रणनीतिक पहल है। इससे न केवल सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि भविष्य में नई तकनीकों के विकास में भी निवेश संभव हो सकेगा।