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30 दिन में आएगा कृत्रिम बुद्धिमत्ता नियमन का मसौदा: वैष्णव
केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रस्तावित कृत्रिम बुद्धिमत्ता ढांचा सुरक्षा, गोपनीयता और मानव-केंद्रित दृष्टिकोण पर केंद्रित होगा। इसमें उद्योग को विनियमन में महत्वपूर्ण भूमिका दी जाएगी।
LSN India ·

केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि सरकार आने वाले 30 दिनों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विनियमन के लिए एक मसौदा पत्र जारी करेगी। यह कदम भारत में तेजी से विकसित हो रहे एआई क्षेत्र को नियंत्रित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
वैष्णव के अनुसार, प्रस्तावित नियामक ढांचा चार मुख्य स्तंभों पर आधारित होगा - सुरक्षा, गोपनीयता, कौशल विकास और मानव-केंद्रित दृष्टिकोण। सरकार का लक्ष्य एक ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जो एआई प्रौद्योगिकी के लाभ को अधिकतम करे और साथ ही संभावित जोखिमों को कम करे।
मंत्री ने जोर दिया कि इस विनियामक प्रक्रिया में उद्योग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। सरकार प्रौद्योगिकी कंपनियों, शोधकर्ताओं और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर एक व्यावहारिक और प्रभावी नियमन ढांचा विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह पहल विश्व के अन्य देशों के समान कदमों के बीच आता है, जहां सरकारें एआई प्रौद्योगिकी के तेजी से विकास को नियंत्रित करने के लिए नई नीतियां बना रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के लिए एक संतुलित दृष्टिकोण महत्वपूर्ण है, जो नवाचार को प्रोत्साहित करे और साथ ही नागरिकों के हितों की रक्षा भी करे।