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पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत-यूएई व्यापार प्रवाह को लेकर चिंतित
भारत ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है और शांति बहाली तथा व्यापार के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने के प्रयासों का समर्थन किया है। विदेश मंत्री एस जैशंकर ने मुंबई में यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की।
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भारत और संयुक्त अरब अमीरात ने मुंबई में द्विपक्षीय वार्ता के दौरान पश्चिम एशिया में बिगड़ती परिस्थितियों पर गंभीर चिंता जताई है। भारतीय विदेश मंत्री एस जैशंकर और उनके यूएई समकक्ष शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान की बैठक में दोनों देशों ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बहाल करने के महत्व को रेखांकित किया।
द्विपक्षीय बातचीत में भारत ने इस बात पर जोर दिया कि पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करना न केवल क्षेत्रीय हितों के लिए आवश्यक है, बल्कि वैश्विक व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। विशेषकर भारत जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था के लिए इस क्षेत्र से आयात-निर्यात का मार्ग विकल्प महत्वपूर्ण है।
जैशंकर और अल नाहयान ने संकट के समाधान के लिए रचनात्मक और शांतिपूर्ण प्रयासों को प्रोत्साहित किया। दोनों नेताओं ने माना कि व्यापार प्रवाह में किसी भी प्रकार की बाधा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ भारत सहित अन्य देशों को भी प्रभावित करेगी।
यह बैठक भारत और यूएई के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने का भी अवसर रही। दोनों देश व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।