World · India Bureau
खाद्य सब्सिडी नीति में बदलाव की जरूरत, गरीबी आंकड़ों का उपयोग करें
नीति विशेषज्ञों का सुझाव है कि सरकार को अनाज वितरण योजना को अधिक लक्षित और प्रभावी बनाने के लिए गरीबी अनुमानों का उपयोग करना चाहिए। इससे सब्सिडी का सीधा लाभ वास्तविक जरूरतमंद लोगों को मिल सकेगा।
LSN India ·

देश में खाद्य सब्सिडी की मौजूदा नीति पर पुनर्विचार की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को राष्ट्रीय गरीबी आकलन डेटा का उपयोग करके मुफ्त अनाज वितरण योजना को ज्यादा प्रभावी बनाना चाहिए। इससे सहायता सीधे उन परिवारों तक पहुंचेगी जिन्हें सबसे ज्यादा जरूरत है।
वर्तमान समय में खाद्य सब्सिडी पर सरकार का बड़ा व्यय होता है, लेकिन इसका पूरा लाभ हमेशा लक्षित समूह तक नहीं पहुंचता। नीति आयोग और अन्य संस्थानों द्वारा किए गए अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि एक केंद्रीकृत सूची के जरिए सहायता देने से ज्यादा लोगों को लाभ मिल सकता है। यह दृष्टिकोण भारत की सामाजिक सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत कर सकता है।
लक्षित योजना के माध्यम से न केवल सार्वजनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, बल्कि प्रशासनिक खर्च में भी कमी आएगी। गरीबी रेखा के तहत आने वाले परिवारों की सटीक पहचान से सब्सिडी का वितरण अधिक न्यायसंगत और कुशल हो सकेगा। यह सुधार आने वाले बजट में अहम भूमिका निभा सकता है।