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भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने के लिए मतभेदों को सुलझाना जरूरी: राजदूत गोर
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका को सच्चे भागीदार के रूप में अपने मतभेदों को दूर करना चाहिए। उन्होंने व्यापार बढ़ाने के लिए पूर्वानुमानित कराधान और नियामक ढांचे की मांग की।
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अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने मंगलवार को इंडो-अमेरिकन चेंबर ऑफ कॉमर्स में कहा कि भारत और अमेरिका को सच्चे भागीदार के रूप में अपने मतभेदों को संबोधित करना चाहिए और व्यापार को फलने-फूलने के लिए पूर्वानुमानित कराधान तथा नियामक ढांचे पर काम करना चाहिए।
राजदूत गोर ने निर्यात नियंत्रण पर विश्वास-आधारित और खुली बातचीत की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बौद्धिक संपदा के मजबूत संरक्षण को भी अनिवार्य बताया ताकि नवाचारियों को बिना किसी भय के निवेश करने, सृजन करने और विस्तार करने का आत्मविश्वास मिल सके। यह बातचीत इंडो-अमेरिकन चेंबर ऑफ कॉमर्स के राष्ट्रीय सम्मेलन में हुई, जिसका विषय भारत-अमेरिका व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई परिभाषा देना था।
गोर ने गर्व से कहा कि अमेरिकी दूतावास भारत में विश्वव्यापी अमेरिकी दूतावासों में सबसे अधिक निवेश आकर्षित करता है, जो 20 अरब डॉलर से अधिक है। उन्होंने आगे कहा कि जब भारतीय कंपनियां अमेरिका में निवेश करती हैं तो यह एक जीत की स्थिति है क्योंकि उन्हें दुनिया के सबसे गतिशील बाजारों में से एक तक पहुंच मिलती है।
राजदूत ने कहा कि इस द्विपक्षीय संबंध में अविश्वसनीय क्षमता है। उन्होंने जोर दिया कि इस आर्थिक इंजन की पूरी शक्ति को सक्रिय करने के लिए दोनों देशों को अपने मतभेदों को दूर करना होगा और एक मजबूत आर्थिक साझेदारी विकसित करनी होगी।