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भारतीय सेवा निर्यात को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए जीएसटी में बदलाव का प्रस्ताव

केंद्र सरकार सेवा निर्यात की परिभाषा को व्यापक बनाने और विदेशी शाखाओं के नियमों को आसान करने के लिए जीएसटी में सुधार का प्रस्ताव दे रही है। तेजी से जीएसटी रिफंड देने के लिए जोखिम-आधारित तंत्र भी लागू किया जाएगा।

LSN India · 5 October 2026

भारतीय सेवा निर्यात को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए जीएसटी में बदलाव का प्रस्ताव

भारत की सेवा निर्यात क्षमता को बढ़ाने के लिए सरकार ने माल और सेवा कर (जीएसटी) ढांचे में महत्वपूर्ण सुधार का प्रस्ताव दिया है। इन परिवर्तनों का लक्ष्य देश की सेवा क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है।

प्रस्तावित सुधारों में सेवा निर्यात की परिभाषा को चौड़ा करना शामिल है ताकि अधिक प्रकार की सेवाएं इस श्रेणी में आ सकें। साथ ही, विदेश में अपनी शाखाएं संचालित करने वाली भारतीय सेवा कंपनियों के लिए नियम सरल बनाए जाएंगे। इससे कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में आसानी से प्रवेश करने में मदद मिलेगी।

जीएसटी रिफंड प्रक्रिया को गति देने के लिए सरकार एक जोखिम-आधारित तंत्र शुरू करने की योजना बना रही है। इस नए तंत्र के तहत कम जोखिम वाली कंपनियों को तेजी से रिफंड दिया जाएगा, जिससे सेवा निर्यातकों का नकदी प्रवाह बेहतर होगा।

ये सुधार भारत के सेवा क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उम्मीद है कि ये उपाय भारतीय सेवा निर्यातकों की अंतरराष्ट्रीय विस्तार योजनाओं को बढ़ावा देंगे और देश के कुल निर्यात में वृद्धि करेंगे।