World · India Bureau
भारतीय आर्टिलरी रेजिमेंट दो सदी पूरी कर आधुनिकीकरण की ओर अग्रसर
भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट 200 वर्षों की यादगार यात्रा के बाद अत्याधुनिक प्रणालियों से लैस हो रही है। कारगिल युद्ध से लेकर हाल के सैन्य अभियानों तक इस रेजिमेंट ने देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
LSN India ·

भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट के दो शताब्दियों पूरे होने के अवसर पर इसका आधुनिकीकरण तेज गति से आगे बढ़ रहा है। पारंपरिक तोपों से लेकर अत्याधुनिक ड्रोन प्रणालियों तक का यह सफर रेजिमेंट की क्रमागत विकास की कहानी बयां करता है।
कारगिल संकट के दौरान आर्टिलरी रेजिमेंट की भूमिका ऐतिहासिक महत्व की रही थी। पहाड़ी इलाकों में दुश्मन को मुहतोड़ जवाब देते हुए इस रेजिमेंट ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया था। तब से लेकर वर्तमान समय तक यह रेजिमेंट सीमांत सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता आ रहा है।
वर्तमान में आर्टिलरी रेजिमेंट सटीक गोलाबारूद, नेटवर्क संचार प्रणाली और स्वचालित लक्ष्य प्रणालियों से लैस हो रहा है। हाल के सैन्य अभियानों में इन आधुनिक उपकरणों का सफल प्रयोग इसकी प्रभावशीलता को प्रमाणित करता है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार ये आधुनिकीकरण पहल सेना की क्षमताओं को अगले स्तर पर ले जाएगी।
सेना प्रशासन के अनुसार आर्टिलरी रेजिमेंट की यह रूपांतरण प्रक्रिया देश की रक्षा नीति का अभिन्न अंग है। दो सदियों की विरासत को संभालते हुए यह रेजिमेंट भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हो रहा है।