LSN News › India

Business · India Bureau

भारतीय कला को वैश्विक मंच पर ले जाएं: पीयूष गोयल

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने प्रादा विवाद के माध्यम से कोल्हापुरी कारीगरों को मिली सफलता का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय कला और संस्कृति को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित करने की जरूरत है।

LSN India · 30 October 2026

भारतीय कला को वैश्विक मंच पर ले जाएं: पीयूष गोयल

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने युवा उद्यमियों को देशीय बाजार से आगे निकलकर विश्व स्तरीय व्यवसाय तैयार करने का आह्वान किया है। गोयल ने कहा कि भारतीय कला और संस्कृति की विश्व में अपार संभावनाएं हैं और इन्हें आधुनिक तरीकों से वैश्विक बाजार में स्थापित किया जा सकता है।

मंत्री ने कोल्हापुरी कारीगरों के प्रसिद्ध प्राडा विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि यह घटना भारतीय परंपरागत कला की ताकत और वैश्विक महत्व को दर्शाती है। इस मामले में कोल्हापुरी जूतों की डिजाइन को लेकर विवाद के बाद पारंपरिक कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय मंच मिला और उनके काम की सराहना हुई।

गोयल का मानना है कि भारत के छोटे और मध्यम उद्यमों में वैश्विक स्तर की प्रतिभा है। उन्होंने जोर दिया कि आधुनिक तकनीक, डिजिटल माध्यम और रणनीतिक पहल के जरिए भारतीय कारीगरी और सांस्कृतिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सफलतापूर्वक स्थापित किया जा सकता है।

मंत्री के अनुसार, भारतीय उद्यमियों को चाहिए कि वे अपनी पारंपरिक कला को आधुनिक बाजार की मांग के अनुसार ढालें और वैश्विक ग्राहकों के लिए मूल्य संवर्धित पण्य विकसित करें। इस दृष्टिकोण से न केवल भारतीय संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि देश की आर्थिक वृद्धि में भी महत्वपूर्ण योगदान होगा।