LSN News › India

Business · India Bureau

साइबर धोखाधड़ी के शिकार लोग बैंकों से मिल रहे देरी और जवाबदेही का अभाव

पिछले दो से तीन सालों में 13 प्रतिशत लोग साइबरक्राइम का शिकार हुए हैं, जिनमें 54 प्रतिशत डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत कर रहे हैं। बैंकों द्वारा अनुचित लेनदेन को रोकने में देरी और कमजोर सहायता से पीड़ितों की समस्याएं बढ़ रही हैं।

LSN India · 7 October 2026

साइबर धोखाधड़ी के शिकार लोग बैंकों से मिल रहे देरी और जवाबदेही का अभाव

साइबर धोखाधड़ी के शिकार ग्राहकों को बैंकों से समयोचित सहायता न मिलने और जवाबदेही की कमी से जूझना पड़ रहा है। एक सर्वेक्षण में पता चला है कि पिछले दो से तीन वर्षों में 13 प्रतिशत लोग किसी न किसी साइबर अपराध का शिकार बने हैं। इन पीड़ितों में से 54 प्रतिशत डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित मामलों की रिपोर्ट कर रहे हैं।

अधिकांश पीड़ित 24 घंटे के भीतर अपने बैंकों तक पहुंचे हैं, लेकिन उन्हें अनुचित लेनदेन को रोकने में भी काफी देरी का सामना करना पड़ रहा है। बैंकों की ओर से खराब ग्राहक सहायता और मामलों को स्वीकार करने में अनिच्छा की शिकायतें बढ़ रही हैं। पीड़ित और विशेषज्ञ दोनों ही बैंकिंग क्षेत्र में जवाबदेही की व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं जता रहे हैं।

साइबर धोखाधड़ी के मामलों में ग्राहक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बैंकों को अधिक तेजी से कार्रवाई करने और जिम्मेदारी लेने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियामक निकायों को भी इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए बैंकों के लिए कड़े मानदंड स्थापित करने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।