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भारतीय बैंकों के लिए तरलता संकट और जोखिम बढ़ रहे हैं: एक्सिस बैंक
एक्सिस बैंक के प्रबंध निदेशक अमिताभ चौधरी ने बैंकिंग क्षेत्र में तरलता की कमी और बढ़ते जोखिमों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि ऋण वृद्धि और परिसंपत्ति गुणवत्ता पर नजर रखना समय की मांग है।
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भारतीय बैंकिंग क्षेत्र को आने वाले समय में तरलता से संबंधित चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। बिजनेस स्टैंडर्ड बीएफएसआई इनसाइट समिट 2026 में एक्सिस बैंक के प्रबंध निदेशक अमिताभ चौधरी ने यह संकेत दिया है। वित्तीय संस्थानों के लिए यह समय बेहद जटिल और अनिश्चितता से भरा है।
चौधरी के अनुसार, बैंकों को क्रेडिट वृद्धि के मार्ग में विविध चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। तरलता की समस्या के साथ-साथ परिसंपत्ति की गुणवत्ता पर भी दबाव बढ़ रहा है। ऋणदाताओं को अपने पोर्टफोलियो में सुधार के लिए कड़े कदम उठाने होंगे। आने वाले समय में बैंकों के समक्ष जोखिम प्रबंधन सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी।
बैंकिंग नियामक के रूप में भारतीय रिजर्व बैंक भी इन मुद्दों पर कड़ी नजर रख रहा है। तरलता की कमी से बैंकों की उधार देने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि इस स्थिति में बैंकों को अपनी कार्यशीलता में सुधार और जोखिम प्रबंधन को बेहतर बनाना होगा।