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Q2 में बैंकों को जमा वृद्धि में मिली रफ्तार, विदेशी मुद्रा बांड से मोबिलाइजेशन
Q2FY27 में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों ने जमा वृद्धि में शक्तिशाली प्रदर्शन किया है। भारतीय रिजर्व बैंक की सुविधाजनक स्वैप विंडो के माध्यम से विदेशी मुद्रा गैर-निवासी बांड (FCNR(B)) की जुटाई से यह वृद्धि संभव हुई है।
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भारतीय बैंकिंग क्षेत्र को वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में जमा वृद्धि के मामले में सकारात्मक गति मिली है। सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्र के बैंकों के लिए यह अवधि जमा जुटाने के लिहाज से अनुकूल साबित हुई है।
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा शुरू की गई सुविधाजनक स्वैप विंडो के तहत विदेशी मुद्रा गैर-निवासी बांड (FCNR(B)) के जरिए बैंकों ने महत्वपूर्ण मात्रा में पूंजी जुटाई है। इस नीतिगत कदम से बैंकों को अपनी जमा आधार को मजबूत करने में काफी सहायता मिली है।
जमा वृद्धि में यह सुधार बैंकों के लिए उनकी तरलता की स्थिति को बेहतर बनाने और आगामी कारोबारी गतिविधियों के लिए पूंजी उपलब्ध रखने में महत्वपूर्ण साबित हुआ है। विदेशी मुद्रा स्रोतों से जुटाई गई राशि बैंकों के विविधीकृत वित्तपोषण पूल में योगदान दे रही है।
इस प्रवृत्ति से संकेत मिलता है कि केंद्रीय बैंक की नीतिगत पहल बैंकिंग प्रणाली में स्थिरता लाने और जमा वृद्धि को गति प्रदान करने में प्रभावी साबित हो रही है। आने वाली तिमाहियों में बैंकों की जमा वृद्धि की गति को लेकर विश्लेषकों की नजर रहेगी।