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LA 2028 से पहले भारतीय मुक्केबाजी को चाहिए स्थिर नेतृत्व: बोरिस

अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाजी विशेषज्ञ बोरिस वैन डर वोर्स्ट ने भारतीय मुक्केबाजी को 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए मजबूत और स्थिर नेतृत्व की जरूरत बताई है।

LSN India · 3 November 2026

LA 2028 से पहले भारतीय मुक्केबाजी को चाहिए स्थिर नेतृत्व: बोरिस

अंतर्राष्ट्रीय खेल जगत के प्रमुख विश्लेषक बोरिस वैन डर वोर्स्ट ने कहा है कि भारतीय मुक्केबाजी को आने वाले ओलंपिक चक्र में सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिए संगठनात्मक स्थिरता जरूरी है। उन्होंने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक खेलों की तैयारी को ध्यान में रखते हुए यह महत्वपूर्ण सुझाव दिया है।

वैन डर वोर्स्ट ने भारत के खेल परिदृश्य में अपने अनुभव को साझा करते हुए देश की जमीनी स्तर पर मुक्केबाजी की परिस्थितियों की सराहना की है। उन्होंने भारत की पहली यात्रा के दौरान युवा मुक्केबाजों के समर्पण और अनुशासन को देखकर गहरा प्रभाव महसूस किया था।

भारतीय मुक्केबाजी की आधारभूत संरचना में विद्यमान संभावना को रेखांकित करते हुए, वैन डर वोर्स्ट ने कहा कि देश के युवा खिलाड़ियों के पास अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ठता हासिल करने की क्षमता है। हालांकि, इस संभावना को वास्तविकता में रूपांतरित करने के लिए एक सुसंगठित और निरंतर नेतृत्व ढांचे की आवश्यकता है।

विशेषज्ञ का मानना है कि स्थिर प्रशिक्षण व्यवस्था, संसाधनों का सही वितरण और दीर्घकालिक योजना भारतीय मुक्केबाजों को वैश्विक चैंपियनशिप में सफलता दिला सकते हैं। भारत की मुक्केबाजी संस्थाओं के लिए यह सलाह आने वाले वर्षों में देश के ओलंपिक लक्ष्यों को प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण दिशानिर्देश हो सकता है।