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भारतीय उपभोक्ता सक्रिय हैं, लेकिन शेयर बाजार पिछड़ा हुआ
भारतीय शेयर बाजार विश्व बाजारों से दो साल से अधिक समय से पिछड़ रहा है, जबकि विदेशी निवेशकों ने पूंजी निकाल ली है। देश की शेयर कीमतें लगभग आधी रह गई हैं।
LSN India ·

भारत के उपभोक्ता खर्च में तेजी आ रही है, लेकिन यह सकारात्मक संकेत देश के शेयर बाजार में अभी तक नहीं दिख रहा है। पिछले दो वर्षों में भारतीय शेयरों का प्रदर्शन वैश्विक बाजारों से काफी पीछे रह गया है।
विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से बड़े पैमाने पर अपनी पूंजी निकाल ली है। इस पलायन का असर भारतीय शेयर सूचकांकों पर स्पष्ट देखा जा रहा है, जो अपने शिखर से लगभग आधे स्तर तक गिर गए हैं।
हालांकि घरेलू उपभोक्ता बाजार सक्रिय बना हुआ है और खुदरा खर्च में वृद्धि हो रही है, लेकिन इस आर्थिक शक्ति का प्रतिबिंब पूंजी बाजार में नहीं दिख रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि विदेशी निवेशकों के बाहर निकलने का दबाव और वैश्विक बाजार के रुझानों ने भारतीय शेयर प्रदर्शन को प्रभावित किया है।
भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत मांग पक्ष के बावजूद, शेयर बाजार में वापसी के संकेत अभी स्पष्ट नहीं हैं। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि विदेशी पूंजी प्रवाह में सुधार और वैश्विक परिस्थितियों में बदलाव के बिना भारतीय शेयरों में तेजी आने की संभावना सीमित है।