World · India Bureau
कोविड राहत फंड की धोखाधड़ी: ब्रिटेन में भारतीय दंपति को जेल की सजा
ब्रिटेन की अदालत ने कोरोना महामारी के दौरान PPE किट की खरीद के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले भारतीय दंपति को दोषी ठहराया है। जोगेश भंडारी को आठ साल की कारावास की सजा सुनाई गई है।
LSN India ·

लंदन में स्थित एक अदालत ने जोगेश भंडारी और मीनाक्षी भंडारी को कोविड-19 महामारी के दौरान सुरक्षात्मक उपकरणों की आपूर्ति के नाम पर धोखाधड़ी का दोषी पाया है। न्यायिक निर्णय के अनुसार, दोनों ने नाइट्राइल दस्तानों और PPE किट की बड़े पैमाने पर खरीद-बिक्री के तहत सार्वजनिक निधि से करोड़ों रुपये हड़पे थे।
ब्रिटिश न्यायालय ने जोगेश भंडारी को आठ वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है, जबकि मीनाक्षी भंडारी को दो वर्ष की निलंबित सजा दी गई है। यह मामला उस अवधि का है जब महामारी के कारण चिकित्सा उपकरणों की तीव्र मांग थी और देश भर में ऐसी आपूर्तियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी।
जांच में पता चला कि दोनों आरोपियों ने स्वास्थ्य उपकरणों की आपूर्ति की आड़ में जनता के पैसे का दुरुपयोग किया और उच्च मूल्य की वस्तुएं खरीदीं। यह मामला भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों द्वारा की गई आर्थिक धोखाधड़ी का एक प्रमुख उदाहरण है।
ब्रिटेन में भारतीय समुदाय के लिए यह घटना शर्मनाक मानी जा रही है। इस तरह की घटनाएं देश में विश्वास की कमी को दर्शाती हैं और सार्वजनिक संपत्ति के दुरुपयोग का संकेत देती हैं।