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भारतीय हॉकी में अगली पीढ़ी के सितारे नहीं उभर रहे

भारतीय हॉकी में जूनियर स्तर से सीनियर इंटरनेशनल टीम में आने वाले खिलाड़ियों की संख्या में गिरावट आई है। 2016 के शानदार जूनियर विश्व कप के बाद से यह प्रवृत्ति लगातार नकारात्मक बनी हुई है।

LSN India · 25 August 2026

भारतीय हॉकी में अगली पीढ़ी के सितारे नहीं उभर रहे

भारतीय हॉकी की प्रतिभा विकास प्रणाली में एक चिंताजनक रुझान देखा जा रहा है। जूनियर विश्व कप जैसी प्रतियोगिताओं से सीनियर स्तर पर खेलने के लिए तैयार होने वाले खिलाड़ियों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। वर्ष 2016 में भारतीय जूनियर टीम के शानदार प्रदर्शन के बाद से यह स्थिति बिगड़ी है।

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस समस्या के पीछे कई कारण हैं। जूनियर स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी खिलाड़ी सीनियर इंटरनेशनल टीम में स्थान बनाने में सफल नहीं हो पाते हैं। प्रशिक्षण सुविधाओं में स्थানीय विविधता और विकास के दौरान समर्थन की कमी भी एक महत्वपूर्ण कारक रही है।

राष्ट्रीय हॉकी संघ और संबंधित अधिकारियों के लिए यह एक गंभीर चुनौती है। भारतीय हॉकी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए युवा प्रतिभा को सीनियर टीम तक पहुंचाने की प्रक्रिया को मजबूत करने की आवश्यकता है।

जूनियर स्तर पर प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को सीनियर खेल के लिए तैयार करने की रणनीति में सुधार लाना आवश्यक हो गया है। इसमें बेहतर कोचिंग, उचित अनुभव और स्थिर सहायता प्रणाली शामिल होनी चाहिए।