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संवत 2082 में शेयर बाजार को 15 साल का सबसे बुरा साल का सामना
आने वाले संवत में बाजारों के लिए चुनौतियां बरकरार रहने की आशंका है। विश्लेषकों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में कमी और बॉन्ड यील्ड में सुधार के बिना मंदी की स्थिति जारी रह सकती है।
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शेयर बाजार के लिए संवत 2082 ने अपनी विदाई के दौरान सूचकांकों को 15 वर्षों का सबसे खराब प्रदर्शन देखने को बाध्य किया है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही इस संवत में महत्वपूर्ण नुकसान का सामना करना पड़ा है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, आगामी संवत में भी बाजारों को समान चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है यदि वैश्विक कारकों में सुधार नहीं होता। विशेषकर, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और बॉन्ड यील्ड में वृद्धि बाजार की मंदी के प्रमुख कारण रहे हैं। इन दोनों कारकों में कोई सकारात्मक परिवर्तन अगले संवत के लिए महत्वपूर्ण होगा।
विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक स्थिति और मुद्रास्फीति पर नियंत्रण होने से बाजारों को राहत मिल सकती है। तेल की कीमतों में नरमी और ब्याज दरों में स्थिरता आने वाले समय में निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत हो सकते हैं। हालांकि, तब तक बाजार सावधानीपूर्वक कार्य करने की स्थिति में है।