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भारतीय बाजार गिरावट: RBI की कड़ी नीति, तेल की कीमतें और रुपये में गिरावट

भारतीय शेयर बाजार ने दो दिनों की राहत रैली को तोड़ते हुए शुक्रवार को गिरावट का सामना किया। RBI की कठोर मौद्रिक नीति, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें $100 के पार जाना और भारतीय रुपये में तेज गिरावट निवेशकों के बीच चिंता का कारण बनी।

LSN India · 7 October 2026

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार और गुरुवार को मिली राहत का सिलसिला शुक्रवार को टूट गया। भारतीय रिजर्व बैंक की कड़ी रुख मौद्रिक नीति, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और राष्ट्रीय मुद्रा के मूल्य में तेज गिरावट को बाजार गिरावट के मुख्य कारण माना जा रहा है। ये सभी कारक एक साथ मिलकर निवेशकों के आत्मविश्वास को कमजोर कर रहे हैं। RBI द्वारा ब्याज दरों को बनाए रखने या बढ़ाने की रणनीति से उधार लागत बढ़ने की आशंका बनी हुई है। इससे कॉर्पोरेट क्षेत्र के मुनाफे पर दबाव पड़ने की संभावना है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत $100 प्रति बैरल के स्तर को छूने से भारत के आयात बिल में वृद्धि की संभावना बढ़ गई है। यह देश के चालू खाता घाटे और मुद्रास्फीति दबाव को बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। भारतीय रुपये में आई तेज गिरावट विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय परिसंपत्तियों को कम आकर्षक बनाने का काम कर रही है। अस्थिरता के माहौल में बड़े फंड अपनी पोजीशन से बाहर निकल रहे हैं, जिससे बिकवाली का दबाव बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक ये वैश्विक और स्थानीय कारक नियंत्रण में नहीं आते, तब तक भारतीय शेयर बाजार में अस्थिरता बनी रहने की संभावना है।