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भारतीय मूल के सीईओ ने H-1B को नौकरी न मिलने का कारण बताना 'दुर्भाग्यपूर्ण' कहा
एक प्रमुख भारतीय-अमेरिकी कार्यकारी ने H-1B वीजा को बेरोजगारी के लिए दोषी ठहराने को आत्मरक्षा की मानसिकता बताया है। उन्होंने अपने स्कूल के दिनों का उदाहरण देते हुए कहा कि मेहनत और प्रतिभा ही सफलता के असली कारण हैं।
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एक प्रसिद्ध भारतीय-अमेरिकी सीईओ ने H-1B वीजा कार्यक्रम को अमेरिकी नौकरी के बाजार में समस्या का कारण बताने को 'दुर्भाग्यपूर्ण शिकार मानसिकता' करार दिया है। उनके अनुसार, कौशल और समर्पण की कमी को बाहरी कारकों के लिए दोषी ठहराना गलत दृष्टिकोण है।
इस वरिष्ठ प्रबंधक ने अपने स्कूली जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा देखा है कि जो छात्र मेहनत करते हैं वे सफल होते हैं, जबकि दूसरे पिछड़ जाते हैं। उनका मानना है कि यह सिद्धांत पेशेवर दुनिया में भी समान रूप से लागू होता है।
सीईओ का तर्क है कि प्रतिभा और कार्य नैतिकता ही किसी व्यक्ति की सफलता का निर्धारण करती है, न कि वीजा नीतियां। उन्होंने जोर दिया कि व्यावसायिक क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रतिभा को नियुक्त करना कंपनियों का प्राकृतिक अधिकार है।
यह टिप्पणी अमेरिका में H-1B वीजा कार्यक्रम को लेकर चल रहे व्यापक बहस के बीच आई है, जहां कुछ लोग विदेशी कुशल श्रमिकों को स्थानीय नौकरियों के अवसर से वंचित करने का आरोप लगाते हैं।