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अमेरिका में भारतीय नागरिक को मनी लॉन्ड्रिंग के लिए 8 साल की सजा
60 वर्षीय भारतीय मूल के एक व्यक्ति को अमेरिका में धोखाधड़ी की योजना में शामिल होने और अवैध धन को छिपाने के लिए आठ साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। यह मामला वरिष्ठ नागरिकों को निशाना बनाने वाली व्यापक 'तकनीकी सहायता' और 'सरकारी धोखाधड़ी' योजना से जुड़ा है।
LSN India ·
संयुक्त राज्य अमेरिका में अदालत ने अहमद मकबूल सैयद को मनी लॉन्ड्रिंग षड्यंत्र में शामिलियत के आरोप में 8 साल की जेल की सजा दी है। सैयद ने पूरे अमेरिका में बुजुर्ग नागरिकों को धोखा देने वाली एक संगठित धोखाधड़ी योजना में भाग लिया था।
यह घोटाला 'तकनीकी सहायता' और 'सरकारी प्रतिनिधि' का दावा करके बुजुर्गों को लक्ष्य बनाने वाली योजनाओं से जुड़ा है। इन अपराधियों ने पीड़ितों को कंप्यूटर समस्याओं या सरकारी मुद्दों का बहाना देकर बड़ी रकम निकालने के लिए मजबूर किया। सैयद की भूमिका इस गैरकानूनी कमाई को वित्तीय प्रणाली में छिपाना था।
धोखाधड़ी की योजना का दायरा काफी व्यापक था और यह पूरे देश में फैली हुई थी। सैयद समेत कई लोगों को इस षड्यंत्र में शामिल पाया गया। न्यायालय ने सजा सुनाते हुए इस तरह की संगठित अपराध गतिविधि के विरुद्ध कठोर रुख दिखाया।
यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वित्तीय अपराध और साइबर धोखाधड़ी के मुद्दे पर प्रकाश डालता है, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के संदर्भ में।