Business · India Bureau
प्रतिकूल मौसम और आपूर्ति संकट से दालों की कीमतें आसमान छू रहीं
भारत में दालों की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं क्योंकि प्रतिकूल मौसम, कम आपूर्ति और महंगे आयात का दबाव बढ़ गया है। अरहर की कीमत पिछले साल के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गई है।
LSN India ·

भारतीय दालों की बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जिसका कारण देशभर में मौसम की विपरीत परिस्थितियां, स्थानीय आपूर्ति में कमी और अंतरराष्ट्रीय बाजार से महंगे आयात हैं। विशेषकर अरहर की कीमत 2023-24 के वर्षभर के उच्चतम स्तर के पास पहुंच गई है, जो खरीद क्षमता को प्रभावित कर रहा है।
प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों ने दाल उत्पादन में काफी असर डाला है। असामयिक बारिश, सूखा और अन्य जलवायु संबंधी कारकों से फसलों को नुकसान हुआ है, जिससे घरेलू बाजार में आपूर्ति में कमी आई है। इसके साथ ही, किसान उत्पादन लागत में वृद्धि का भी सामना कर रहे हैं।
आयात से संबंधित खर्चों में भी वृद्धि हुई है। विश्व बाजार में दालों की कीमत ऊंची बनी हुई है, जिससे भारतीय आयातकों को अधिक खर्चे पर दाल खरीदनी पड़ रही है। यह अतिरिक्त लागत घरेलू कीमतों में परिलक्षित हो रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में मांग मजबूत बनी रहेगी, क्योंकि दाल भारतीय आहार का एक अनिवार्य अंग है। कीमतों में स्थिरता के लिए सरकार की ओर से आपूर्ति बढ़ाने और बफर स्टॉक प्रबंधन संबंधी कदमों पर ध्यान केंद्रित रहेगा।