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तेल की कीमतों और आरबीआई के हस्तक्षेप से रुपये में गिरावट
मंगलवार की सुबह के कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 4 पैसे गिरकर 95.74 पर पहुंच गया। तेल की बढ़ी हुई कीमतों और आयातकों की डॉलर मांग ने भारतीय मुद्रा पर दबाव बनाया है।
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मुंबई। मंगलवार की सुबह के कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर रहा। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 95.74 पर खुला, जो पिछले दिन के बंद भाव 95.70 से 4 पैसे की गिरावट दर्शाता है। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और आयातकों की तरफ से डॉलर की मांग रुपये पर दबाव बना रही है।
विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक सरकारी बैंकों के माध्यम से बाजार में निरंतर हस्तक्षेप कर रहा है। इस कदम से रुपये में तेज गिरावट नहीं हुई है और डॉलर-रुपये जोड़ी एक संकीर्ण सीमा में बनी हुई है। एशियाई शेयर बाजारों में कमजोरी और ईरान को लेकर बढ़ी भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद मुद्रा स्थिर बनी है।
फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख अनिल कुमार भंसाली के अनुसार, रुपया फिलहाल 95.50 से 96.00 के दायरे में कसकर बंधा हुआ है। आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतें और भारतीय रिजर्व बैंक का हस्तक्षेप रुपये की गतिविधि के मुख्य चालक बने रहेंगे। गत दो सप्ताह से भारतीय मुद्रा इसी सीमा में कारोबार कर रही है, जबकि तेल कंपनियों और आरबीआई अपनी रणनीतिक खरीद जारी रखे हुए हैं।