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स्कूल की पाबंदी से अवसर तलाश, 17 वर्षीय छात्रा ने खड़ा किया AI प्लेटफॉर्म
चैट जीपीटी प्रतिबंध को चुनौती मानते हुए नव्या टुटेजा ने 'राहा' नाम का अपना कृत्रिम बुद्धिमत्ता स्टार्टअप लॉन्च किया है। इस प्लेटफॉर्म पर वर्तमान में 20,000 से अधिक नौकरियां और 1,000 से ज्यादा सक्रिय उपयोगकर्ता मौजूद हैं।
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दिल्ली की 17 वर्षीय छात्रा नव्या टुटेजा ने अपने स्कूल की नीति को एक व्यावसायिक अवसर में तब्दील कर दिया है। जब स्कूल के वाई-फाई नेटवर्क पर चैट जीपीटी को ब्लॉक कर दिया गया, तो उन्होंने इसे अपनी सीमा नहीं, बल्कि प्रेरणा माना।
इस प्रतिबंध के बाद नव्या ने अपनी स्वयं की कृत्रिम बुद्धिमत्ता-आधारित कंपनी 'राहा' की स्थापना की। यह प्लेटफॉर्म रोजगार के अवसरों को सूचीबद्ध करने और उपयोगकर्ताओं को जोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया है। पिछले कुछ महीनों में, इस स्टार्टअप ने महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की है।
राहा प्लेटफॉर्म पर वर्तमान में 20,000 से अधिक नौकरी के विज्ञापन सूचीबद्ध हैं और 1,000 से अधिक सक्रिय उपयोगकर्ता पंजीकृत हैं। यह उदाहरण दर्शाता है कि कैसे शिक्षा संस्थानों द्वारा लगाई गई तकनीकी सीमाओं को युवा उद्यमियों द्वारा नवाचार के लिए ईंधन के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
नव्या का प्रयास इस बात का प्रमाण है कि सही दृष्टिकोण के साथ, प्रतिबंध और बाधाएं नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती हैं। उनकी सफलता विश्वभर के स्कूलों और संस्थानों में चल रही कृत्रिम बुद्धिमत्ता नीति की बहस में एक नया आयाम जोड़ती है।