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सेनेगल में फंसे मुजफ्फरपुर के कर्मचारी को चार महीने बाद मिली मुक्ति
विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप से उमाशंकर कुमार अपनी पत्नी और बच्चों के पास वापस लौट आया है। सेनेगल में नौकरी के दौरान उसे पासपोर्ट जब्त किए जाने और अत्यधिक कार्य घंटों का सामना करना पड़ा था।
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मुजफ्फरपुर का निवासी उमाशंकर कुमार सोमवार को चार महीने की कठिन परिस्थितियों के बाद अपने घर लौट आया। उसे सेनेगल के डकार शहर में नौकरी के लिए भेजा गया था, लेकिन वहां उसे विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ा।
कुमार ने बताया कि नियोक्ता कंपनी ने उसका पासपोर्ट और वीजा रख लिया था। इसके अतिरिक्त, उससे दैनिक 12 घंटे से अधिक काम कराया जा रहा था। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब उसके पास पैसे खत्म हो गए और खाना-पीना भी कठिन हो गया।
इन परिस्थितियों में उमाशंकर ने भारतीय अधिकारियों से मदद की अपील की। विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास ने तुरंत कदम उठाए और उसके पासपोर्ट की वापसी सुनिश्चित की। इसके पश्चात् उसे भारत लौटने में सहायता प्रदान की गई।
घर लौटते ही उमाशंकर अपनी पत्नी और बच्चों से लिपट गया और भावुक हो गया। यह प्रकरण भारतीय प्रवासियों के साथ विदेश में होने वाले शोषण की एक और दुर्भाग्यपूर्ण घटना को दर्शाता है और सरकारी एजेंसियों की तत्पर कार्रवाई का परिणाम है।