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इंडिगो का ईंधन बिल 67% बढ़ा, लाभ में गिरावट; क्या दरें संभल सकेंगी?
इंडिगो की दूसरी तिमाही में ईंधन खर्च में भारी इजाफा हुआ है, जिससे कंपनी की लाभप्रदता प्रभावित हुई। हालांकि, विश्लेषक तीसरी तिमाही में यात्री राजस्व में तेजी की उम्मीद कर रहे हैं।
LSN India ·

इंडिगो एयरलाइंस की दूसरी तिमाही में ईंधन बिल में 67 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है, जिससे कंपनी की ईबिटडार में उल्लेखनीय गिरावट आई है। तेल के दामों में वैश्विक उछाल ने हवाई परिवहन क्षेत्र पर दबाव बढ़ा दिया है।
हालांकि, शेयर बाजार के विश्लेषकों का मानना है कि यह मुश्किल दौर अस्थायी है। सितंबर तिमाही आमतौर पर हवाई यातायात के लिए मंद माने जाते हैं, लेकिन अक्टूबर से दिसंबर की अवधि में यात्री ट्रैफिक में पुनः तेजी आने की संभावना है।
विश्लेषकों का अनुमान है कि आगामी तिमाही में प्रति उपलब्ध सीट किलोमीटर यात्री राजस्व (प्रास्क) में तेज वृद्धि हो सकती है। इससे उच्च दरों के जरिए एयरलाइंस की आय में वृद्धि की गुंजाइश है।
ऐसे समय में इंडिगो समेत अन्य एयरलाइंसों के लिए यात्री किराए को प्रभावी ढंग से बढ़ाना आगामी तिमाहियों की प्रमुख चुनौती होगी। इसी पर निर्भर करेगा कि क्या ईंधन खर्च के इस दबाव को दूर किया जा सकता है।