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ज्वालामुखीय राख के संकट के बाद इंडोनेशिया के हवाईअड्डे फिर से खुले
इंडोनेशिया में आठ हवाईअड्डे सप्ताहांत में ज्वालामुखीय राख की समस्या के कारण बंद रहे, जिससे लगभग 3,000 उड़ानें प्रभावित हुईं और 340,000 से अधिक यात्री फंस गए।
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इंडोनेशिया के परिवहन मंत्रालय ने बताया कि देश के प्रमुख हवाईअड्डों को इस सप्ताहांत के दौरान ज्वालामुखीय राख की खोज के बाद अपनी कार्यवाही रोकनी पड़ी। जकार्ता सहित इन आठ हवाईअड्डों को सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से बंद किया गया था क्योंकि हवाई क्षेत्र में राख का पता चला था।
यह संकट देश की विमान यातायात को व्यापक रूप से प्रभावित करने वाला एक बड़ा मुद्दा साबित हुआ। लगभग 3,000 उड़ानें रद्द या स्थगित की गईं, जिससे 340,000 से अधिक यात्री हवाईअड्डों पर फंसे रह गए। प्रभावित यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी या अपनी उड़ानों के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ी।
परिवहन अधिकारियों ने आकाश में राख की सांद्रता को नियमित रूप से निगरानी करते हुए स्थिति का आकलन किया। जैसे ही हवाई क्षेत्र को सुरक्षित घोषित किया गया, सभी बंद हवाईअड्डों को क्रमिक रूप से पुनः खोला जाने लगा।
यह घटना ज्वालामुखीय गतिविधि के कारण विमान परिचालन पर निर्भर देशों के लिए सुरक्षा जोखिम को उजागर करती है। अधिकारियों ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं के लिए बेहतर तैयारी और निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।