LSN News › India

World · India Bureau

विशाखापत्तनम में काली धूल से जूझ रहे निवासी

विशाखापत्तनम के वन टाउन इलाके में प्रदूषण अब आंशिक समस्या नहीं रही बल्कि रोजमर्रा की कठोर वास्तविकता बन गई है। कोयला और लौह अयस्क की धूल से आवासों, वाहनों और सड़कों पर काली परत जमा हो गई है।

LSN India · 21 August 2026

विशाखापत्तनम में काली धूल से जूझ रहे निवासी

विशाखापत्तनम में पर्यावरण प्रदूषण की समस्या गंभीर रूप धारण कर गई है। वन टाउन क्षेत्र के निवासियों के लिए काली धूल अब एक अपरिहार्य समस्या बन गई है जो उनके दैनंदिन जीवन को प्रभावित कर रही है। घरों, गलियों और वाहनों की सतहों पर कालापन स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

पत्तन से सटे ओल्ड सिटी के इलाकों से लेकर गजुवाका के विभिन्न हिस्सों तक प्रदूषण की समस्या फैली हुई है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि कोयले और लौह अयस्क की धूल के साथ औद्योगिक उत्सर्जन और वाहनों से निकलने वाले प्रदूषकों ने वायु गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।

इस निरंतर प्रदूषण से क्षेत्र के निवासियों में स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं। काली धूल के संपर्क में आने से श्वसन संबंधी समस्याओं का खतरा बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक इस प्रदूषित वातावरण में रहना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रभावित इलाकों के निवासी तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए औद्योगिक प्रक्रियाओं में सुधार और कठोर नियंत्रण उपायों की आवश्यकता है। समुदाय का विश्वास है कि केवल व्यापक प्रयासों से ही इस पर्यावरणीय संकट को सुलझाया जा सकता है।