Business · India Bureau
1972 में इलिनोइस ने राजमार्ग निर्माण में कोयला राख का सफल इस्तेमाल किया
इलिनोइस के एक अग्रणी राजमार्ग परियोजना ने 1972 में कोयला विद्युत केंद्र की राख का उपयोग करके औद्योगिक अपशिष्ट के पुनर्चक्रण की नई संभावनाएं दिखाईं। इस पहल की सफलता ने अन्य अमेरिकी राज्यों को भी समान मानक अपनाने के लिए प्रेरित किया।
LSN India ·

1972 में इलिनोइस ने एक महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना में कोयला विद्युत केंद्र की राख का व्यावहारिक उपयोग किया। इस राजमार्ग निर्माण में लगभग 246,000 घन गज कोयला राख का इस्तेमाल 7,500 फीट लंबे राजमार्ग के अंडरफिल के रूप में किया गया था।
व्यापक निगरानी और परीक्षण से यह पता चला कि इस तरह से तैयार किया गया राजमार्ग असाधारण संरचनात्मक अखंडता के साथ वर्षों तक स्थिर रहा। विशेषज्ञों ने जमीन के धंसाव, ठंड से होने वाले नुकसान या भूजल संबंधी किसी भी समस्या का कोई संकेत नहीं पाया।
इस सफल प्रकल्प ने दर्शाया कि औद्योगिक उप-उत्पाद प्राकृतिक समुच्चय के प्रभावी विकल्प हो सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप कई अन्य अमेरिकी राज्यों ने अपने निर्माण प्रकल्पों में कोयला राख के पुनर्चक्रण के लिए मानक स्थापित करने शुरू किए।
इस प्रयोग की दीर्घकालिक सफलता पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण साबित हुई। औद्योगिक अपशिष्ट का ऐसा उपयोग न केवल निर्माण लागत कम करता है, बल्कि पर्यावरणीय संरक्षण में भी योगदान देता है।